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आज पेश होगा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट बजट में युवाओं और नौकरीपेशा लोगों को राहत देने पर रहेगा जोर…


वित्तीय वर्ष 2023-24 के आम बजट से पहले सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट (Economic Survey Report) पेश करेंगी, जिसमें बीते वित्तीय वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों के प्रदर्शन का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद अगले दिन (मंगलवार) वित्तीय वर्ष 2024-25 का आम बजट पेश करेंगी। इस बार बजट से लोगों को खासी उम्मीदे हैं। माना जा रहा है कि पांच राज्यों में चुनाव होने वाले चुनाव के चलते बजट में युवा, मध्यवर्ग, किसान और नौकरीपेशा लोगों को राहत देने की कोशिश होगी। वहीं, यह एक तरह एनडीए की साझा सरकार का पहला बजट है, जिसे देखते हुए सरकार लोगों या किसी क्षेत्र विशेष पर बोझ डालने से बचेगी।

क्या है आर्थिक सर्वेक्षण

आर्थिक सर्वेक्षण वह दस्तावेज है, जिसे बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता है। इसमें बीते वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था ने कैसा प्रदर्शन किया। सरकार की नीतियों व विकास कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तार से बताया जाता है। सर्वेक्षण में अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी और विश्लेषण के साथ रोजगार, देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े, महंगाई और बजट घाटे के आंकड़ों को भी प्रदर्शित किया जाता है।

आर्थिक सर्वेक्षण के तीन हिस्से अहम

1- अर्थव्यवस्था के विकास की संभावनाओं के साथ चुनौतियों और विकास दर बढ़ाने संबंधी नीतियों की जानकारी दी जाती है।

2- अर्थव्यवस्था से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों बीते वर्ष में हुए कार्यों के प्रदर्शन को रखा जाता है।

3- महंगाई, रोजगार, आयात-निर्यात और बीते एक वर्ष में देश के विभिन्न क्षेत्रों में हुए उत्पादन की जानकारी होती है।

बजट में इन पर रहेंगी नजरें

1. मीडिल क्लास को टैक्स से राहत : सरकार आयकर दरों में बदलाव करने और निेवेश की सीमा को बढ़ाने का फैसला ले सकती है। अभी तक आयकर अधिनियम की धारा-80सी के तहत डेढ़ लाख रुपये तक के निवेश पर छूट का प्रावधान है, जिसे दो से ढाई लाख किया जा सकता है। आयकर रिटर्न भरने की नई और पुरानी व्यवस्था के तहत आयकर स्लैब में भी परिवर्तन किया जा सकता है।

2. युवा एवं रोजगार : आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार का फोकस रोजगार बढ़ाने पर भी रहेगा। इसके लिए सरकार रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों को लेकर नई घोषणाएं कर सकती है। स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने और खेल बजट में भी बढ़ोत्तरी करने का फैसला ले सकती है।

3. बेहतर और सस्ती आवासीय सुविधा: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार का लक्ष्य देश भर में पांच करोड़ आवास बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से मोदी 3.0 सरकार की पहली कैबिनेट में ही तीन करोड़ पक्के घर बनाने को मंजूरी मिली है, जिनके लिए सरकार बजट से पैसा निर्धारित करेगा। इसके साथ ही, मध्यवर्ग को घर बनाने के लिए सस्ती दर पर लोन मुहैया कराने की योजना का ऐलान हो सकता है।

4. आधारभूत ढांचा : सरकार ने अंतरिम बजट में 11.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक सकल खर्च करने का लक्ष्य रखा था। देश में सड़क, मेट्रो, रेल व एयरपोर्ट बंदरगाह समेत आधारभूत ढांचे से क्षेत्रों में संचालित योजनाओं को बजट आवंटित करेगी तो वहीं इन क्षेत्रों से जुड़ी नई परियोजनाओं का भी ऐलान कर सकती है।

5. खेती-किसान : बजट को खेती किसानी के लिहाज से देखा जाए तो सबसे ज्यादा उम्मीद किसान सम्मान निधि राशि के बढ़ाए जाने की उम्मीद है जो छह से बढ़ाकर 10-12 हजार रुपये सालाना तक की जा सकती है। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र के लिए कुछ नई योजनाओं का भी ऐलान संभव है, जिसमें कृषि उत्पादों पर सब्सिडी बढ़ाए जाने व जीएसटी कम होने किए जाने का फैसला भी संभव है।



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