अलवर. अलवर जिले के बच्चे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं. इसी कड़ी में शहर की रहने वाली मानवी शर्मा अपनी अनूठी कला से अलग पहचान बना रही हैं. उन्होंने विभिन्न प्रकार की आकर्षक पेंटिंग्स तैयार कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है. कक्षा 10वीं में पढ़ने वाली मानवी ने अपने जुनून, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के, सिर्फ मोबाइल और लगातार अभ्यास की मदद से 10 से अधिक कला शैलियों में महारत हासिल की है. अब तक वह 200 से अधिक पेंटिंग्स बना चुकी हैं, जिन्हें लोगों का काफी पसंद मिल रही है. इतना ही नहीं, वह अपने खर्च पर रंग और अन्य सामग्री उपलब्ध कराकर 200 से ज्यादा बच्चों को नि:शुल्क पेंटिंग का प्रशिक्षण भी दे चुकी हैं.
मानवी शर्मा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही पेंटिंग का शौक था. जब वह छोटी थीं, तब घर की दीवारों पर चित्र बनाया करती थीं. इस बात पर परिवार के लोग उन्हें डांटते भी थे, लेकिन उन्होंने अपना जुनून नहीं छोड़ा. इसके बाद उन्होंने कागज पर पेंटिंग बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे अपनी कला को निखारती चली गईं.
बिना प्रशिक्षण के सीखी 10 से ज्यादा कला शैलियां
उन्होंने बताया कि शुरुआत में पेंटिंग सीखने और बनाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार अभ्यास करती रहीं. इस दौरान उनके माता-पिता और दादा ने उनका भरपूर सहयोग किया. मानवी ने बताया कि उनकी पहली पेंटिंग उनके पिता की थी. हालांकि वह पूरी तरह सफल नहीं रही, लेकिन उसी प्रयास ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. मानवी बताती हैं कि वह 10 से 15 प्रकार की पेंटिंग बनाने में दक्ष हैं. इनमें मंडाला आर्ट, पोर्ट्रेट, कैनवास आर्ट, लिप्पन आर्ट, टेक्सचर आर्ट, आर्टिस्टिक आर्ट, मधुबनी आर्ट सहित कई अन्य कला शैलियां शामिल हैं. उनका कहना है कि नई-नई तकनीकें सीखने का उनका जुनून आज भी लगातार जारी है.
बच्चों को नि:शुल्क सिखा रही हैं पेंटिंग
मानवी ने अपनी कॉलोनी के बच्चों को भी पेंटिंग सिखाना शुरू किया. वह बच्चों को पेंसिल स्केच से लेकर रंग भरने की सही तकनीक तक पूरी लगन के साथ प्रशिक्षण देती हैं. उन्होंने बताया कि इस काम में उनके परिवार का हमेशा पूरा सहयोग मिला. पेंटिंग से जुड़ी सामग्री और अन्य खर्चों में भी परिवार ने उनका साथ दिया, जिसकी बदौलत वह बच्चों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दे पा रही हैं.
बच्चों को सिखाती हैं पेंटिंग की बारीकियां
अब तक अलग-अलग शिविरों में भाग लेकर वह करीब 80 से 90 बच्चों को पेंटिंग की बारीकियां सिखा चुकी हैं. उनका उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों में कला के प्रति रुचि विकसित करना और उनकी प्रतिभा को निखारना है. मानवी का कहना है कि उन्हें शुरुआती दौर में जिन परेशानियों का सामना करना पड़ा, वैसी दिक्कत दूसरे बच्चों को न हो, इसलिए उन्होंने कैंप के माध्यम से बच्चों को पेंटिंग सिखाना शुरू किया. उनका मानना है कि यदि बच्चे मोबाइल से दूरी बनाकर अपनी रुचि पर समय दें, तो वे किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं.
देवी-देवताओं से लेकर अधिकारियों के बनाए पोर्ट्रेट
मानवी शर्मा ने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स में विभिन्न देवी-देवताओं के चित्रों के अलावा अलवर जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राज्य मंत्री संजय शर्मा के पोर्ट्रेट भी शामिल हैं. इन सभी ने उनकी कला की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया. इसके अलावा उन्होंने अपने रिश्तेदारों और गुरुओं के भी पोर्ट्रेट बनाए हैं.
पेंटिंग से बनाना चाहती हैं सबसे अलग पहचान
मानवी का सपना पेंटिंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाना और अधिक से अधिक बच्चों को इस कला से जोड़ना है. उनका कहना है कि शुरुआती दौर में सबसे बड़ी चुनौती सही सामग्री का चयन करना होता है, जैसे कौन-सी पेंसिल, कागज और रंगों का उपयोग किया जाए. उन्होंने लगातार अभ्यास, नए प्रयोग और अनुभवी कलाकारों के वीडियो देखकर यह सब सीखा. उनका मानना है कि मेहनत, धैर्य और सीखने की लगन से कोई भी अच्छा कलाकार बन सकता है.