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बारिश में मछलियों का ऐसे रखें ख्याल वरना ऑक्सीजन की कमी से मर जाएंगी ये टिप्स जरूर अपनाएं…


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Fish Farming Tips: रायबरेली जिले के मत्स्य निरीक्षक शशांक नमन (बीएससी एग्रीकल्चर इलाहाबाद विश्वविद्यालय) लोकल 18 से बात करते हुए बताते है कि बारिश के दौरान सबसे पहले तालाब के जलस्तर की नियमित निगरानी करे. लगातार बारिश से तालाब में जरूरत से ज्यादा पानी भर सकता है. ऐसी स्थिति में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था रखे. तालाब के निकास स्थान पर जाली जरूर लगाएं, ताकि पानी के साथ मछलियां बाहर न निकले.

रायबरेलीः बारिश का मौसम मछली पालक किसानों के लिए जितना फायदेमंद हो सकता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी होता है. लगातार बारिश होने से तालाब में पानी का स्तर बढ़ जाता है और पानी की गुणवत्ता में अचानक बदलाव आने लगता है. इससे मछलियों में तनाव, ऑक्सीजन की कमी और बीमारी का खतरा बढ़ सकता है. कई बार तेज बारिश के दौरान तालाब का पानी बाहर निकलने से मछलियों के बह जाने का भी खतरा रहता है. ऐसे में बारिश के मौसम में थोड़ी सी सावधानी बरतकर किसान अपनी मछलियों को सुरक्षित रखने के साथ उत्पादन और मुनाफा भी बेहतर कर सकते है.

रायबरेली जिले के मत्स्य निरीक्षक शशांक नमन (बीएससी एग्रीकल्चर इलाहाबाद विश्वविद्यालय) लोकल 18 से बात करते हुए बताते है कि बारिश के दौरान सबसे पहले तालाब के जलस्तर की नियमित निगरानी करे. लगातार बारिश से तालाब में जरूरत से ज्यादा पानी भर सकता है. ऐसी स्थिति में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था रखे. तालाब के निकास स्थान पर जाली जरूर लगाएं, ताकि पानी के साथ मछलियां बाहर न निकले.

पानी की गुणवत्ता जांचते रहें
बारिश का पानी तालाब में पहुंचने से पानी का पीएच, तापमान और अन्य गुणवत्ता मानकों में बदलाव हो सकता है. पानी बहुत ज्यादा गंदा होने या उसमें दुर्गंध आने पर तुरंत ध्यान दे. मछलियों के असामान्य व्यवहार, जैसे सतह पर बार-बार आना या कम तैरना, को नजरअंदाज न करे. जरूरत पड़ने पर मत्स्य विशेषज्ञ की सलाह ले.

ऑक्सीजन की कमी से बचाएं
लगातार बादल और बारिश के कारण तालाब में घुलित ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है. ऑक्सीजन की कमी होने पर मछलियां पानी की सतह पर मुंह खोलकर आती दिखाई दे सकती है. ऐसी स्थिति में तालाब में पानी का उचित आवागमन और एरेशन की व्यवस्था करना उपयोगी हो सकता है. बड़े तालाबों में जरूरत के अनुसार एरेटर का इस्तेमाल किया जा सकता है.

ज्यादा चारा डालने से बचें
बारिश के मौसम में मछलियों को जरूरत से ज्यादा चारा देने से बचना चाहिए. बचा हुआ चारा पानी में सड़कर पानी की गुणवत्ता खराब कर सकता है और ऑक्सीजन की समस्या बढ़ा सकता है. मछलियों की संख्या, आकार और मौसम के अनुसार ही चारा दे. अगर मछलियां सामान्य से कम चारा खा रही है तो कारण की जांच करे.

तालाब के किनारों को मजबूत रखें : तेज बारिश और पानी के दबाव से तालाब के किनारे कट सकते है. इसलिए मेड़ की नियमित जांच करें और जहां मिट्टी कट रही हो, वहां समय रहते मरम्मत करे. तालाब के आसपास अनावश्यक झाड़ियां और खरपतवार भी नियंत्रित रखे.

बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत सावधानी बरतें
शशांक नमन के मुताबिक बारिश के मौसम में पानी की गुणवत्ता बिगड़ने से मछलियों में संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. मछलियों के शरीर पर घाव, सफेद धब्बे, पंखों में खराबी या असामान्य तैराकी जैसे लक्षण दिखाई दे तो उन्हें नजरअंदाज न करे. बिना सलाह के किसी दवा या रसायन का इस्तेमाल करने से पहले विषेशज्ञ की सलाह जरूर लें.

About the Author

Manish Rai

Manish Rai is a digital journalist with over 8 years of experience in regional and digital media. He is currently associated with News18 as the Local18 Uttar Pradesh Coordinator, where he works on planning, coo…

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