सीजीएल नियुक्ति रद्द होने से नौकरी से हटाए गए अधिकारी गुरुवार को भी प्रोजेक्ट भवन के सामने धरने पर बैठे हैं। उन्होंने बुधवार की शाम प्रोजेक्ट भवन से हटिया चौक तक आक्रोश मार्च निकाला। ये लोग शाम 6:10 बजे प्रोजेक्ट भवन के सामने एकत्र हुए, राष्ट्रगान गा
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फिर पैदल मार्च करते हुए चांदनी चौक होते हुए हटिया चौक पहुंचे। ये लोग मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर सरकार से इंसाफ मांग रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें हटिया चौक पर रोक दिया। प्रदर्शनकारी वही बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद राष्ट्रगान गाकर ये सभी प्रोजेक्ट भवन लौट गए।

नौकरी से हटाए गए अधिकारियों ने बुधवार की शाम प्रोजेक्ट भवन से हटिया चौक तक आक्रोश मार्च निकाला।
CGL पास अभ्यर्थियों पर नहीं करेंगे सख्ती
उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और आंदोलन करना सभी का अधिकार है। सरकार ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ कभी सख्ती नहीं बरती।
अब जेएसएससी-सीजीएल के सफल अभ्यर्थी भी धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार का रवैया उनके प्रति भी पहले जैसा ही रहेगा। उनके खिलाफ भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सरकार का मानना है कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार अक्षुण्ण रहना चाहिए। सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों की बात भी सरकार सुनेगी। जो उचित निर्णय होगा, सरकार वही लेगी।

उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने बुधवार को कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और आंदोलन करना सभी का अधिकार है।
छात्रों की 5 मांगें, सरकार को 2 माह का अल्टीमेटम
इधर, छात्रों ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखते हुए उन्हें पूरा करने के लिए दो माह का अल्टीमेटम दिया है। इसके साथ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया है।
सरकार के सामने रखी मांगों में छात्रों ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के फिजिकल टेस्ट के दौरान मृत अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
इसके साथ ही विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर दर्ज किए गए केस वापस लेने की मांग भी रखी है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा सुधार को लेकर अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए, ताकि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार सुनिश्चित हो सके।

छात्रों ने पांच मांगों के साथ 60 दिनों के लिए धरना स्थगित किया है।
छात्रों ने जेएसएससी पीजीटी, नगर पालिका, माध्यमिक आचार्य, लैब असिस्टेंट और एक्साइज कांस्टेबल भर्ती परीक्षाओं को भी रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने की मांग की है। इसके अलावा सीआईडी जांच के मामले में सरकार से जल्द याचिका दायर कर कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखने की मांग की गई है। छात्रों ने चेतावनी दी कि दो माह में मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
पद्मश्री मधु मंसूरी ने तुड़वाया अनशन
वहीं, पद्मश्री मधु मंसूरी ने अपने हाथों जूस पिलाकर भूख हड़ताल पर बैठे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के रूपेश पाल, राहुल क्रांति और सबीता का अनशन तुड़वाया।

आभार यात्रा के दौरान छात्रों ने एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाया।
इधर, शाम में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो गुट के छात्रों ने जयपाल सिंह स्टेडिय से अभार यात्रा निकाली।
आभार यात्रा अल्बर्ट एक्का चौक पर पहुंची और छात्रों ने यहां एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाया। पटाखे भी जलाए। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा-हम अब खुशी-खुशी अपने घर जाएंगे।
आंदोलन के लिए नहीं मिली जगह
सीजीएल नियुक्ति रद्द होने से नौकरी से हटाए गए अधिकारी डीसी से आंदोलन के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट भवन के पास या पुराना विधानसभा के पास जगह उपलब्ध कराए, जहां वे आंदोलन कर सके। लेकिन उन्हें जगह उपलब्ध नहीं कराया गया। फिलहाल वे लोग प्रोजेक्ट भवन के सामने ही तिरपाल लगाकर धरने पर बैठे हैं।
हाईकोर्ट में तीन याचिका दाखिल
जेपीएससी 11वीं-13वीं सिविल सेवा और फूड सेफ्टी अफसरों की नियुक्ति रद्द करने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में बुधवार को तीन याचिकाएं दाखिल हुईं। दीपमाला और सोनम कुमारी ने सिविल सेवा रद्द करने और सौरभ कुमार सिंह ने फूड सेफ्टी अफसरों की नियुक्ति रद्द करने को चुनौती दी। कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है। जस्टिस दीपक रोशन की कोर्ट में आज सुनवाई के लिए इसे सूचीबद्ध कर लिया गया है।

जेपीएससी 11वीं-13वीं सिविल सेवा और फूड सेफ्टी अफसरों की नियुक्ति रद्द करने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
याचिकाकर्ताओं ने सरकार के फैसले को एकतरफा बताते हुए प्राकृतिक न्याय के खिलाफ बताया है। इसमें कहा गया है कि उन्होंने दूसरी नौकरी छोड़कर यहां ज्वाइन किया था। 24 नवंबर 2025 को उन्हें नियुक्ति पत्र मिला था। ट्रेनिंग दी गई। फिर उनकी नियुक्ति हुई। इसी बीच 18 अगस्त 2026 को सरकार ने अधिसूचना जारी कर उनकी नियुक्ति रद्द कर दी। इसलिए सरकार के इस आदेश को निरस्त किया जाए।
अन्य परीक्षाओं का मामला भी कोर्ट जाएगा
राज्य सरकार ने मंगलवार रात 22 नियुक्ति परीक्षा रद्द कर दी थी। 23 परीक्षाओं की जांच सीआईडी को सौंपने की अधिसूचना जारी की थी। इसके खिलाफ अब अभ्यर्थी कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। जेएसएससी सीजीएल के अभ्यर्थियों ने बुधवार को याचिका दाखिल करने के लिए कानूनी राय ली। वहीं सीडीपीओ सहित अन्य अभ्यर्थी भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके लिए वकीलों से राय ली जा रही है।
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