जमशेदपुर के सोनारी मरीन ड्राइव पर गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की छोटी बेटी सहित तीन छात्रों की मौत के बाद पुलिस महकमे ने जांच तेज कर दी है। हादसे के करीब 36 घंटे बाद खराब ट्रक को सड़क से हटाकर पुलिस की निगरानी में
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हादसे के बाद एडीजी मनोज कौशिक और डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा घटनास्थल पर पहुंचे।
करीब आधे घंटे तक दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने हादसे के तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली। पुलिस की जांच मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि खराब ट्रक सड़क के किस हिस्से में और किस स्थिति में खड़ा था, उसे लेकर चालक या मालिक ने क्या सुरक्षा उपाय किए थे और हादसे से पहले स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी थी या नहीं।
ट्रक की स्थिति और कार की रफ्तार की होगी पड़ताल
पुलिस हादसे के दौरान ट्रक की वास्तविक स्थिति और उसके सड़क पर खड़े होने के तरीके की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि ट्रक किस कारण खराब हुआ था और खराब होने के बाद उसे सड़क से हटाने या सुरक्षित तरीके से खड़ा करने के लिए क्या कदम उठाए गए।

हादसे के करीब 36 घंटे बाद खराब ट्रक को सड़क से हटाकर पुलिस की निगरानी में सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।
दुर्घटना में कार की गति कितनी थी, टक्कर किस कोण से हुई और सड़क की स्थिति का हादसे पर कितना असर पड़ा, इसकी भी तकनीकी जांच की जा रही है। हादसे के बाद ट्रक को घटनास्थल से हटाने में करीब 36 घंटे लगने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब दुर्घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों को जोड़कर घटना का क्रम स्पष्ट करने में जुटी है।
रिफ्लेक्टर और सुरक्षा इंतजाम की भी जांच
एडीजी की जांच में ट्रक मालिक और चालक की ओर से किये गये सुरक्षा इंतजाम भी प्रमुख बिंदु रहे। खराब वाहन को सड़क पर खड़ा करने के बाद क्या उसमें रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक, पार्किंग लाइट या अन्य सुरक्षा व्यवस्था लगायी गयी थी, पुलिस इसकी जानकारी जुटा रही है। हादसे के समय सड़क पर दृश्यता, प्रकाश व्यवस्था और वाहनों की आवाजाही की स्थिति भी जांच के दायरे में है।

एडीजी की जांच में ट्रक मालिक और चालक की ओर से किये गये सुरक्षा इंतजाम भी प्रमुख बिंदु रहे।
इसके अलावा पुलिस यह पता कर रही है कि स्थानीय थाना या ट्रैफिक पुलिस को सड़क पर ट्रक खराब होने की सूचना मिली थी या नहीं। यदि सूचना मिली थी, तो मौके पर पुलिस क्यों नहीं पहुंची और ट्रक को सुरक्षित स्थान पर हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी भी जांच होगी।
सार्थक-नमन का एक साथ अंतिम संस्कार
हादसे में जान गंवाने वाले चार छात्रों में सार्थक अग्रवाल और नमन गुप्ता का शुक्रवार को बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। सोनारी से दोनों दोस्तों की अर्थी एक साथ निकली तो पूरा इलाका गम में डूब गया। पार्वती घाट पर दोनों की चिताएं एक साथ जलीं तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गयीं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम संस्कार में शहर और राज्य के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

शुक्रवार को सार्थक और नमन की अंत्येष्टि के साथ चारों छात्रों का अंतिम संस्कार पूरा हो गया।
जदयू जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और सड़क सुरक्षा व ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बतायी। हादसे में मारी गयी ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी युविका सिंह उर्फ तृषा का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम रांची में, जबकि आदित्यपुर निवासी वंशिका खंडेलवाल का अंतिम संस्कार गुरुवार को बिष्टुपुर पार्वती घाट पर किया गया था। शुक्रवार को सार्थक और नमन की अंत्येष्टि के साथ चारों छात्रों का अंतिम संस्कार पूरा हो गया।
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हादसा तेज रफ्तार कार की वजह से हुआ। सड़क पर खड़े ट्रक में कार की टक्कर से यह घटना हुई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने गैस कटर से कार काट कर चारों को बाहर निकाला। हादसा सोनारी थाना क्षेत्र के दोमुहानी मरीन ड्राइव के पास हुई। पूरी खबर पढ़ें…