अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे ‘पड़ोसी के खिलाफ आक्रामकता’ बताया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारत अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है. उन्होंने कहा कि हमलों में कई नागरिकों के मारे जाने की खबर है और भारत ने जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है.
पाकिस्तान को आतंकवाद पर दोटूक संदेश
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर सिर्फ बयान देने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी होगी. उन्होंने कहा कि दुनिया तभी पाकिस्तान की बात पर भरोसा करेगी, जब वह सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय और निर्णायक कदम उठाएगा.
भारत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार हिंसा को लेकर तनाव फिर बढ़ गया है. करीब तीन महीने तक शांति रहने के बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव सामने आया है.
पाकिस्तान का दावा- 28 आतंकवादी मारे गए
पाकिस्तान ने सोमवार को अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में हवाई हमले किए. पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में संदिग्ध आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया और 28 आतंकवादी मारे गए.
पाकिस्तान का कहना है कि कार्रवाई उन हमलों के जवाब में की गई, जिनमें उसके सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया था. पाकिस्तानी अधिकारियों ने अफगानिस्तान में मौजूद आतंकवादी समूहों पर पाकिस्तान के भीतर हमलों की साजिश रचने का आरोप लगाया है.
अफगानिस्तान का दावा- तीन नागरिकों की मौत
दूसरी तरफ अफगान तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान के हवाई हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. अफगान अधिकारियों के मुताबिक, कुनार प्रांत में एक घर पर हुए हमले में एक ही परिवार के तीन नागरिकों की मौत हुई और चार लोग घायल हुए.
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने भी तीन नागरिकों की मौत की पुष्टि की है. अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के राजनयिक प्रभारी को तलब कर हमले के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया है.
अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान के उन आरोपों को भी खारिज किया है कि हाल में पाकिस्तान में हुए आतंकी हमलों के पीछे अफगानिस्तान की जमीन से संचालित समूह जिम्मेदार हैं. तालिबान सरकार लंबे समय से इस आरोप से इनकार करती रही है.
कोहाट हमले के बाद बढ़ा तनाव
पाकिस्तान के हवाई हमले ऐसे समय हुए हैं, जब उसके सुरक्षा बलों पर हाल में कई घातक हमले हुए हैं. इनमें खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट में पुलिस परिसर पर हुआ हमला भी शामिल है.
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP और उससे जुड़े समूह पाकिस्तान में हमलों को अंजाम दे रहे हैं. इस्लामाबाद लगातार काबुल से इन समूहों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है.
वहीं, तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती है और कहती है कि पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा समस्याओं के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए. दोनों देशों के बीच यही आरोप-प्रत्यारोप सीमा पर तनाव का बड़ा कारण बने हुए हैं.
करीब तीन महीने बाद फिर आमने-सामने आए दोनों देश
पाकिस्तान की ताजा एयरस्ट्राइक ने दोनों देशों के बीच करीब तीन महीने से चली आ रही अपेक्षाकृत शांति को झटका दिया है. सीमा क्षेत्र में पहले भी हवाई हमले, ड्रोन हमले और गोलाबारी होती रही है, लेकिन इस तरह की कार्रवाइयों से तनाव बढ़ने का खतरा बना रहता है.
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए विरोध दर्ज कराया है, जबकि पाकिस्तान इसे आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सुरक्षा स्तर पर तनाव बढ़ता है या स्थिति नियंत्रित होती है, इस पर क्षेत्रीय देशों की भी नजर रहेगी.