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Investment Tips : अगर आप शेयर बाजार में चल रही उठापटक से बचते हुए अपना निवेश करना चाहते हैं तो मल्टी एसेट अलोकेशन फंड एक अच्छा विकल्प हो सकता है. यह फंड आपको बैलेंस रिटर्न दिलाने के साथ बाजार में आने वाली तेजी पर ज्यादा लाभ और गिरावट पर नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है.
मल्टी एसेट अलोकेशन फंड बाजार की गिरावट से बचने में मददगार होता है.
नई दिल्ली. शेयर बाजार में जब भी अनिश्चितता आती है या जोखिम दिखता है तो निवेशक अक्सर सोने की तरफ भागते हैं. लेकिन, इस बार अमेरिका और ईरान युद्ध की वजह से सोना भी उतना फायदा नहीं दे रहा. यही वजह है कि निवेशकों ने अपने पैसे लगाने का नया ठिकाना खोज लिया है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (AMFI) ने अपने हालिया आंकड़ों में बताया है कि निवेशकों की मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड में दिलचस्पी बनी हुई है. अगस्त में मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड ब्रॉडर हाइब्रिड फंड कैटेगरी में निवेश लाने के मामले में दूसरे नंबर पर रहे है, जो आर्बिट्राज फंड के बहुत करीब थे.
AMFI के अनुसार, अगस्त में मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड में नेट इनफ्लो (शुद्ध निवेश) 3,671 करोड़ रुपये रहा, जबकि आर्बिट्राज फंड में 3,789 करोड़ रुपये का निवेश आया. ये आंकड़े बताते हैं कि मौजूदा बाजार के माहौल में निवेशक मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड को एक बेहतरीन ‘डिफेंसिव ग्रोथ’ के विकल्प के तौर पर देखते हैं. इससे उन्हें बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव के सीधे असर से बचे रहते हुए भी लंबे समय में इक्विटी के जरिये संपत्ति बनाने का मौका मिलता है.
कैसे होता है मल्टी एसेट एलोकेशन फंड में निवेश
मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स को मौजूदा बाजार की स्थितियों के मुकाबले एक रणनीतिक संतुलन बनाने वाले निवेश के तौर पर देखा जाता है. इन फंड्स में कम से कम तीन एसेट क्लास में निवेश करना जरूरी होता है और हर एक में कम से कम 10% निवेश करना होता है (आमतौर पर इक्विटी, डेट और सोना/चांदी). अपने खास फायदों के अलावा मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने बहुत अच्छा रिटर्न भी दिया है. यही वजह है कि इन्वेस्टर्स इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं.
कितना रहा इस फंड का रिटर्न
निप्पॉन मल्टी एसेट एलोकेशन फंड ने 3 साल की अवधि में 18.50% CAGR से रिटर्न दिया है और यह इस कैटेगरी में सबसे आगे है. इसके अलावा व्हाइट ओक कैपिटल, एसबीआई और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के इसी तरह के फंड्स ने 3 साल में क्रमशः 16.70%, 14.80% और 14.10% रिटर्न दिया है. इक्विटी मार्केट में ऊंचे वैल्यूएशन, मैक्रो-इकोनॉमिक अनिश्चितता और बार-बार होने वाले शॉर्ट-टर्म मार्केट करेक्शन के बीच मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड फिक्स्ड इनकम वाली स्थिरता देते हैं या सोने की काउंटर-साइक्लिकल रैली पूरे पोर्टफोलियो को बड़ी गिरावट से बचाने में मदद करती है.
हर मौसम में काम आती है यह स्कीम
मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड एक ही म्यूचुअल फंड स्कीम के जरिये एक तैयार, हर मौसम में काम आने वाले पोर्टफोलियो की तरह काम करते हैं। इसमें फंड मैनेजर एक्टिव तौर पर एसेट मिक्स को मैनेज करते हैं और वैल्यूएशन व मार्केट ट्रेंड के आधार पर उसमें बदलाव करते रहते हैं। इससे निवेशकों को ऑपरेशनल मुश्किलों, ट्रैकिंग की थकान और मैन्युअल रूप से रीबैलेंसिंग करने की परेशानी से छुटकारा मिलता है और उन्हें सिर्फ एक फंड में निवेश करके एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो मिल जाता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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